93 जिले के इस बड़े अस्पताल में अव्यवस्था देख अवाक रह गए कलेक्टर, इन स्थानों पर मिलीं मरीजों के उपचार में खामियां


कटनी. कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने रविवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। डेढ़ घंटे से अधिक समय तक जिला अस्पताल में रुके कलेक्टर सिंह ने मरीजों से स्वास्थ्य सुविधाओं में बारे में जानकारी ली। साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। डायलिसिस कक्ष में रखे पलंग पर चादर नहीं मिलने, गलियारे में बिल्डिंग सामग्री और टूटे हुए दरवाजे देख नाराजगी जताई। सिविल सर्जन को टूटे दरवाजे में सुधार कराने, पलंग पर साफ चादर व गलियारे में रखी निर्माण सामग्री को हटवाने को निर्देश दिए। रविवार सुबह 10 बजे औचक निरीक्षण पर जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर ने सबसे पहले रोगी वार्ड व ओपीडी का निरीक्षण किया। अस्पताल में बेहतर साफ-सफाई कराने व सुविधाएं को दुरुस्त रखने को कहा। इसके अलावा उन्होंने इन्जेक्शन, ड्रेसिंग कक्ष, शिशु रोग विभाग वार्ड, अस्थि रोग कक्ष, लेबर रूम, मैटरनिटी वार्ड, सोनोग्राफी, एएनसी कक्ष, एक्सरे कक्ष, एनसीएनयू केयर, पोस्ट सर्जिकल मेल-फीमेल वार्ड, पोषण पुर्नवास केन्द्र, मॉड्यूलर ओटी सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बलबीर रमन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके निगम, सिविल सर्जन डॉ. एसके शर्मा, डॉ. यशवंत वर्मा, नायब तहसीलदार लक्ष्मीकांत मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।समय पर ड्यूटी में पहुंचे डॉक्टर व कर्मचारी: निरीक्षण पर जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर सिंह ने सीएस से डॉक्टरों व कर्मचारियों के आने व जाने के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ओपीडी की सेवाएं हर दिन सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मिलनी चाहिए। डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ भी समय पर ड्यूटी में पहुंचे। निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष के ऑटोक्लेव में बिजली बंद मिली। जिसको तुरंत चालू कराने को कहा। पोषण पुर्नवास केंद्र की रसोई में नहीं मिला डाइट चार्ट: जिला अस्पताल में बने पोषण पुर्नवास केंद्र का भी कलेक्टर सिंह ने औचक निरीक्षण किया। वार्ड में भर्ती कुपोषित बच्चों के बारे में माताओं से जानकारी ली। इसके बाद वे पोषण पुर्नवास केंद्र की रसोई में पहुंचे। प्रभारी से डाइट लिस्ट मांगी, लेकिन वह कक्ष में नही मिली। केंद्र प्रभारी ने महिला कर्मचारी को बुलाकर सूची मंगाई और कलेक्टर को दिखाया।

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