64 नर्स चेतना बच्चे को घर पर छोड़ संभाल रही प्रदेश कोरोन्टाईन सेंटर





 


नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिये शासन, प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से कोरोना योध्दा की भूमिका निभा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का सेवा भाव सराहनीय एवं प्रेरणादायी है। प्रदेश में कोरोना योध्दाओं की संख्या कम नहीं है। सभी समर्पण भाव से अपनी सेवायें दे रहे हैं। इन्हीं में से एक छिन्दवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विकासखण्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के कोरेन्टाईन वार्ड की प्रभारी स्टाफ नर्स श्रीमती चेतना विश्वकर्मा है। श्रीमती विश्वकर्मा गर्भवती होने के बाद भी बिना किसी अवकाश के कोरेन्टाईन सेंटर में पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी एवं ईमानदारी से सेवा कर रही हैं । अपने 6 वर्ष के बेटे को पति के साथ घर पर छोड़कर कोरेन्टाईन सेंटर में कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों के उपचार में लगी हुई है। ऐसे स्वास्थ्य कर्मी कोरोना वीरों के कारण ही प्रदेश में अनेक क्षेत्र कोरोना मुक्त होकर ग्रीन जोन बनने की दिशा में अग्रसर है।


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