398 सरकार ने बदले नॉमिनी से जुड़े नियम नॉमिनी नहीं बनाया तो , तो मुआवजे की रकम परिवार के सभी सदस्यों के बीच बराबर में बांट दिया जाएगा : 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर -CRIME BHASKAR NEWS.COM-EDITOR UMESH SHUKLA


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02-10-2021-jabalpur
नई दिल्ली| सरकार ने मुआवजे के भुगतान के संबंध में नामांकन को शामिल करने के लिए सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के साथ संलग्न फॉर्म के फॉर्मेट में भी संशोधन किया है।केंद्रीय कर्मचारी ने किसी को नॉमिनी  नहीं बनाया गया है तो मुआवजे की रकम परिवार के सभी सदस्यों के बीच बराबर में बांट दिया जाएगा।   अब सरकार ने सर्कुलर जारी कर इस संबंध में दिशानिर्देश दिए हैं |मुआवजे के संबंध में भी कर्मचारी नॉमिनी बना सकते हैं। इसके जरिए ये तय हो जाएगा
|               कर्मचारी की मृत्यु ड्यूटी पर होती है तो उसके बाद मुआवजे की रकम परिवार के किस सदस्य को दी जाए। केंद्र सरकार ने ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु से जुड़े एक नियम में बड़ा बदलाव किया है। ये बदलाव मृतक कर्मचारी के परिजनों के लिए काफी अहम है। नए नियम के मुताबिक ड्यूटी पर मृत्यु के बाद कर्मचारी को मिलने वाले मुआवजे का भुगतान परिवार के उस सदस्य को किया जाएगा, जिन्हें नॉमिनी बनाया गया है। सर्कुलर में  कहा गया है कि इस मामले में सिर्फ परिवार के सदस्य को ही नॉमिनी बनाया जाएगा। मुआवजे की रकम के लिए किसी बाहरी को नॉमिनी नहीं बनाया जा सकता है। इस मुआवजे की रकम का कोई सदस्य हकदार नहीं होता है।  सरकारी कर्मचारी पेंशन, पीएफ या ग्रेच्युटी में नॉमिनी बनाते है। हालांकि, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर जो मुआवजा मिलता है, उसके लिए नॉमिनी नहीं बनाते हैं।  मतलब ये है कि जो नॉमिनी है, वही मुआवजे का हकदार होगा। अब तक इस मामले में नॉमिनी बनाने की बाध्यता नहीं थी।

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