383 भारत ने 730 लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकाला, अफगानिस्तान संकट पर बुलाई सर्वदलीय मीटिंग, विदेश मंत्रालय को दिया हालात की जानकारी देने का आदेश, अफगानिस्तान में तालिबान राज के बाद भारत सरकार क्या कूटनीतिक कदम उठा रही: PM मोदी सरकार - CRIME BHASKAR NEWS.COM-EDITOR UMESH SHUKLA



23.08.2021 - CRIME BHASKAR NEWS.COM-EDITOR UMESH SHUKLA

 नई दिल्ली|विदेश मंत्री  S. जयशंकर ने  बताया था, 'अफगानिस्तान में घटनाक्रम के मद्देनजर PM नरेंद्र मोदी ने आदेश दिया है कि संसद में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को पूरी जानकारी दी जाए। इस संबंध में आगे की जानकारी संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी देंगे।' माना जा रहा है कि इस मीटिंग में सरकार सभी राजनीतिक दलों को अफगानिस्तान में हुए घटनाक्रम की जानकारी देगी।सोमवार को भी भारतीय वायुसेना के 4 अलग-अलग विमानों से 146 लोगों को भारत लाया गया। इनमें बड़ी संख्या में अफगान नागिरक भी शामिल हैं। इन लोगों को कतर की राजधानी दोहा से भारत लाया गया था। पहले उन्हें अमेरिकी सेना की ओर से निकालकर दोहा पहुंचाया गया था और फिर वहां से भारत लाया गया।

                         अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं, इस बारे में भी बताया जाएगा। अफगानिस्तान में पैदा हुए संकट पर बातचीत के लिए केंद्र सरकार ने 26 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी विपक्षी दलों को दी जाएगी। इसके अलावा अफगानिस्तान में तालिबान राज के बाद भारत सरकार क्या कूटनीतिक कदम उठा रही है, इस पर भी चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक 26 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय से कहा था कि वह अफगानिस्तान में हुए घटनाक्रम की जानकारी संसद में राजनीतिक दलों के नेताओं को दे। 

                      अफगानिस्तान राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ दिया था। इसके बाद बड़ी संख्या में भारतीय वहां फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए एयरफोर्स को सक्रिय किया गया था।  तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा जमा लिया है। राजधानी काबुल समेत देश के कई प्रांतों पर तालिबान ने कब्जा जमा लिया है। 15 अगस्त को राजधानी काबुल पर तालिबान ने कब्जा जमा लिया था। उअब तक भारत ने 730 लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकाला है। इनमें राजनयिकों के अलावा बड़ी संख्या में हिंदू और सिख समुदाय के लोग भी शामिल हैं। 

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