373 एथलेटिक्स में 100 साल के लंबे इंतजार को खत्म कर टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के एथलीट नीरज चोपड़ा ने देश को गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रचा,2015 के नेशनल खेलों के दौरान पांचवें स्थान पर रहे :नेशनल कोच राधाकृष्ण नायर-CRIME BHASKAR NEWS.COM-EDITOR UMESH SHUKLA


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नई दिल्ली|टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के एथलीट नीरज चोपड़ा ने देश को गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रचा।नायर ने उस समय को याद किया जब वह चोपड़ा युवा खिलाड़ी के तौर पर 2015 के नेशनल खेलों के दौरान पांचवें स्थान पर रहे लेकिन उन्होंने अपने कौशल से प्रभावित किया था। नेशनल कैंप के लिए पांचवें स्थान के खिलाड़ी की सिफारिश करना मुश्किल था लेकिन विश्व एथलेटिक्स लेवल -5 के अनुभवी कोच नायर ने ऐसा किया और चोपड़ा के उन्हें सही साबित करते हुए इतिहास रच दिया। नायर ने पीटीआई को दिए गए इंटरव्यू में कहा, 'मैंने उनको केरल में 2015 के नेशनल खेलों के दौरान देखा था।
              उनकी मांसपेशियों में बहुत लचीलापन था और उनका शरीर जिमनास्ट की तरह है। उनकी जैवलिन फेंकने की गति काफी तेज थी। उनकी तकनीक उस समय उतनी अच्छी नहीं थी लेकिन बायो-मैकेनिक्स विशेषज्ञ बार्टोनीट्ज ने उनकी तकनीक में काफी बदलाव किए हैं और गैरी कैल्वर्ट (पूर्व कोच) ने भी चोपड़ा के साथ काफी काम किया है।' नीरज ने एथलेटिक्स में 100 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए देश को गोल्ड मेडल दिलाया। नीरज चोपड़ा के नेशनल कोच राधाकृष्ण नायर ने भारतीय एथलीट की इस जबरदस्त सफलता के पीछे का राज खोला है। उन्होंने बताया कि नीरज की शरीर में जिमनास्ट की तरह लचीलापन है और अपने हाथों की तेज गति के चलते वह जैवलिन थ्रो में इतनी कामयाबी हासिल कर सके हैं। नीरज भारत की तरफ से ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले महज दूसरे ही खिलाड़ी हैं।

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