332 अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक,पाकिस्तान में सेना और सरकार के खिलाफ नहीं बोल सकेगा मीडिया? सरकार पाकिस्तान मीडिया डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑर्डिनेंस 2021 बना रहीं :इमरान खानCRIME BHASKAR NEWS.COM-EDITOR UMESH SHUKLA


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 jabalpur 01.06.21

      नई दिल्ली |  पाकिस्तान सरकार ने इस नए कानून के तहत मीडिया से जुड़े पिछले कई कानूनों के विलय का प्रस्ताव रखा है। इस नए कानून के तहत प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक की नियमावली तय की जाएगी। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि नए कानून के तहत एक अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो देश में सभी तरह के मीडिया की नियमावली तय करेगी।

              हालांकि विवाद इन प्रावधानों को लेकर नहीं है बल्कि सेना और सरकार पर मीडिया के तंज कसने पर रोक को लेकर है। जिसे लेकर पड़ोसी मुल्क में हंगामा बरपा है। विपक्षी दलों पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज ने नए कानून के प्रस्ताव को मीडिया मार्शल लॉ करार देते हुए कहा है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक का नियम है।  प्रस्तावित कानून के ड्राफ्ट में कहा गया है कि किसी भी मीडिया की ओर से सेना, संसद, सरकार और उसके मुखिया को लेकर तंज नहीं कसा जा सकता, जिसके चलते हिंसा की आशंका हो या फिर उनकी मानहानि होती हो। 

                 नए कानून में इस नियम को लेकर ही सबसे ज्यादा आपत्ति जताई जा रही है और इसे पाकिस्तान का मीडिया मार्शल लॉ कहा जा रहा है। जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने कहा कि यह मीडिया पर नियंत्रण की कोशिश है। इसके जरिए सरकार मीडिया संस्थानों को अपना मुखपत्र बना लेना चाहती है या फिर उन्हें बंद होना पड़ेगा। आइए जानते हैं, क्या हैं नए नियमों पर मीडिया को लेकर प्रस्ताव...

                                 नए नियमों के तहत देश में अखबार और डिजिटल मीडिया के संचालन के लिए भी टीवी चैनलों की तरह ही लाइसेंस की जरूरत होगी। इस ड्राफ्ट में नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, यूट्यूब चैनलों, वीडियो लॉग्स आदि को लेकर भी नियमावली तय करने की बात कही गई है। 

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