328 चीन संदेह के घेरे में अब सच जल्द ही सामने आएगा, उत्पत्ति वुहान लैब में ही तैयार हुआ वायरस, कोरोना में 'यूनिक फिंगर प्रिंट' भी मिला,कोरोना वायरसों का एक बड़ा समूह प्राकृतिक रूप से नहीं पनपा :जांच को लेकर अमेरिका-ब्रिटेन डब्ल्यूएचओ पर दबाव बना रहे(crime bhaskar news. com -Editor Umesh Shukla)


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चीन|कोरोना की उत्पत्ति की  नए सिरे से जांच को लेकर अमेरिका-ब्रिटेन विश्व स्वास्थ्य संगठन पर दबाव बना रहे हैं, इस बीच एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया गया है, जो चीन के नापाक मंसूबों की ओर इशारा कर रहा है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में वुहान से फैले कोरोना वायरस ने  हाहाकार मचा दिया है।और लाखों लोगों इसकी चपेट में हैं। चीन और इटली समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस से हजारों लोगों की जान ले ली है  कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चीन में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। कोरोना असल में वायरसों का एक बड़ा समूह है जो जानवरों में आम है।

                             उत्पत्ति को लेकर संदेह के घेरे में आए चीन का सच जल्द ही अब सामने आने वाला है। एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना प्राकृतिक रूप से नहीं पनपा है, बल्कि इसे वुहान के लैब में ही चीनी वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किया गया है। डेली मेल के मुताबिक, एक नई स्टडी में यह दावा किया गया है कि चीनी वैज्ञानिकों ने वुहान लैब में ही कोविड-19 को तैयार किया और फिर इसके बाद इस वायरस को रिवर्स-इंजीनियरिंग वर्जन से इसे कवर करने की कोशिश की, जिसे यह लगे कि कोरोना वायरस चमगादड़ से प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ है। 

                        अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीएस) के अनुसार, कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच जाता है। नया चीनी कोरोनो वायरस, सार्स वायरस की तरह है। इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। 

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