314 भारत वैक्सीन की किल्लत ने सरकार की चिंता बढ़ा दी,अगले 2 महीने में दूर हो जाएगी किल्लत, बाहर से भी मंगाए जाएंगे टीके, कोविशील्ड,कोवैक्सिन और स्पुतनिक की वैक्सीन का निर्माण भारत में होगा-डॉ. रणदीप गुलेरिया(crime bhaskar news com-EDITOR umesh shukla)


 नई दिल्ली।Sat, 15 May 2021 (crime bhaskar news .com-EDITOR umesh shukla)                नई दिल्ली।  दिल्ली स्थित एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि करीब दो महीने में देश में टीके बड़ी मात्रा में उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां अपने विनिर्माण संयंत्र खोलना शुरू कर देंगी और वैक्सीन की खुराक उपलब्ध होगी।  भारत बायोटेक और एसआईआई द्वारा नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। जुलाई-अगस्त तक हमारे पास बड़ी मात्रा में खुराक उपलब्ध होगी।  देश में कोरोना संक्रमण के 326,123 नए मामले सामने आए हैं, जो इस महीने यानी मई में सबसे कम है। वहीं महामारी से मरने वालों की संख्या 3879 रही। वर्ल्डोमीटर के आंकड़ों के मुताबिक, राहत की बात हैभारत में कोरोना की दूसरी लहर के बीच वैक्सीन की किल्लत ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। वैक्सीन निर्माता कंपनियों से प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए बातचीत जारी है।

              इस बीच दिल्ली स्थित एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि करीब दो महीने में देश में टीके बड़ी मात्रा में उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां अपने विनिर्माण संयंत्र खोलना शुरू कर देंगी और वैक्सीन की खुराक उपलब्ध होगी। उन्होंने दूसरे देशों से भी वैक्सीन मंगाने की बात कही है।डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, ''अधिक से अधिक विनिर्माण संयंत्रों के द्वारा कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पुतनिक की वैक्सीन का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। स्पुतनिक ने निर्माण के लिए भारत में कई कंपनियों के साथ करार किया है। भारत बायोटेक और एसआईआई द्वारा नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। जुलाई-अगस्त तक हमारे पास बड़ी मात्रा में खुराक उपलब्ध होगी।  देश में कोरोना संक्रमण के 326,123 नए मामले सामने आए हैं, जो इस महीने यानी मई में सबसे कम है। वहीं महामारी से मरने वालों की संख्या 3879 रही। वर्ल्डोमीटर के आंकड़ों के मुताबिक, राहत की बात है कि इस महीने कोरोना के रोजाना आने वालों मामलों में सबसे कम केस शुक्रवार को ही आए हैं। इससे पहले 10 मई को 3 लाख 29 हजार नए केस आए थे। उन्होंने दूसरे देशों से भी वैक्सीन मंगाने की बात कही है।डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, ''अधिक से अधिक विनिर्माण संयंत्रों के द्वारा कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पुतनिक की वैक्सीन का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। स्पुतनिक ने निर्माण के लिए भारत में कई कंपनियों के साथ करार किया है। 

BREAKING NEWS