260 चमोली में रैणी गांव के पास टूटा हुआ ग्लेशियर के टूटने से भारी तबाही हुई,सबसे कमजोर पर्वत हिमालय में ही छिपी तबाही, क्षेत्र संवेदनशील की ओर इशारा (crime bhaskar news .com-umesh shukla)


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                 उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को ग्लेशियर के टूटने से भारी तबाही हुई है.हिमालय सबसे नया पर्वत होने के साथ ही सबसे कमजोर पर्वत भी है. इस इलाके में निर्माण टिहरी आंदोलन, चिपको आंदोलन जैसे कई पर्यावरण संबंधित आंदोलनों की   नीतियां मौजूदा परिस्थितियों के चमोली जिले में रविवार को ग्लेशियर के टूटने से भारी तबाही हुई है. चमोली में रैणी गांव के पास टूटा हुआ ग्लेशियर गंगा की सहायक नदी धौलीगंगा ‘सबसे कमजोर पर्वत श्रंखलाओं पर सबसे ज़्यादा दबाव’उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को ग्लेशियर के टूटने से भारी तबाही हुई है. चमोली में रैणी गांव के पास टूटा हुआ ग्लेशियर गंगा की सहायक नदी धौलीगंगा ..भूगर्भशास्त्री और फिजिकल रिसर्च लैब अहमदाबाद से हिमालयी क्षेत्र को लेकर होने वाले अध्ययनों में अक्सर इस क्षेत्र की संवेदनशीलता की ओर इशारा किया जाता रहा है. 

                    पहले ही काठमांडू स्थित इंटरन... ग्लेशियर अपने आप में हजारों-लाखों क्यूबिक मीटर पानी समेटे होते हैं. जब ये इसे रोक पाने में असमर्थ होते हैं तो यही पानी, मलबे के साथ मिलकर तेज़ गति से...यहां की परिस्थितियों के अनुसार छोटे-छोटे प्रोजेक्ट होने चाहिए. भूगर्भशास्त्री और पर्यावरणविद अपनी रिपोर्टों में अक्सरउत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से बड़ी त्रासदी हुई है. जोशीमठ के तपोवन इलाके में ग्लेशियर फटने से ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान  क्षेत्र की संवेदनशीलता की ओर इशारा किया जा  रहा है.|

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