257 पेट्रोल पर 2.50 रुपये और डीजल पर 4 रुपये का कृषि सेस,आम बजट वर्ष 2021 में,बिना आम और करदाताओं को कोई राहत नहीं,75 + वालों को टैक्स नहीं भरना ,बस आत्मनिर्भर भारत पर जोर : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (crime bhaskar news .com-umesh shukla)


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                                  वर्ष 2021 का बजट असाधारण परिस्थितियों के बीच पेश किया गया है। इसमें यथार्थ का एहसास भी और विकास का विश्वास भी है। उन्होंने कहा कि आज के बजट में आत्मनिर्भरता का विजन भी है और हर वर्ग का समावेश भी है। हम इस बजट में जिन सिद्धांतों को लेकर चले हैं, वे हैं- ग्रोथ के लिए नए अवसरों, नई संभावनाओं का विस्तार करना। युवाओं के लिए नए अवसरों को बनाना।   मोदी सरकार ने आज यानी 1 फरवरी को आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगतार तीसरा बजट किया और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया। मोदी सरकार के इस बजट में करदाताओं को कोई राहत नहीं मिली, मगर सरकार ने 75 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को रियायत दी है। सरकार ने ऐलान किया कि अब 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को इनकम टैक्स भरने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, सरकार ने इस बार टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया।

                            इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए सरकार के 27.1 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज से संरचनात्मक सुधारों को बढ़ावा मिला है। सीतारमण ने आम बजट में 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में कोविड-19 के दो टीके हैं तथा दो अन्य टीकों की पेशकश जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा कि सबसे गरीब तबके के लाभ के लिए सरकार ने अपने संसाधनों को बढ़ाया है। बता दें कि संसद में बजट पेश होने से पहले केंद्रीय कैबिनेट की एक बैठक हुई, जिसमें उसे मंजूरी मिली। इसके बाद टैबलेट के जरिए वित्त मंत्री बजट पेश कर रही हैं। 

  

 पीएम मोदी ने बजट पर क्या कहा- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार दोपहर को अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बजट को समावेशी विकास पर जोर देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मविश्वास को उजागर करने वाला बजट है। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए-नए क्षेत्रों को विकसित करना है। नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर इस बजट में जोर दिया गया है।

राजनाथ सिंह ने बताया शानदार बजट-केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'लोगों को उम्मीद नहीं थी कि इस प्रकार का बजट पेश होगा, क्योंकि इससे पहले भी एक तरह से पांच मिनी बजट पेश हुए हैं। ये बहुत ही शानदार बजट है इस​की जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है। रक्षा क्षेत्र के बजट में बढ़ोतरी हुई है।'-नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने इस बजट को बेहतर बताया और कहा कि  हम 2021-22 के बजट से खुश हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर राहत भी एक स्वागत योग्य कदम है क्योंकि एनएसएस के पास पूरे देश में वरिष्ठ नागरिकों के जरिए डोनेशन आता है।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल पर 2.50 रुपये और डीजल पर 4 रुपये का कृषि सेस लगाने का ऐलान किया। हालांकि, ऐसा कहा जा रहा है कि इसका असर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा।माना जा रहा है कि ये सेस कंपनियों को देना होगा।

-इनकम टैक्स भरने वालों को इस बजट से कोई राहत नहीं मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स स्लैब में इस बार कोई भी बदलाव नहीं किया।  इस तरह से मध्यम वर्गीय लोगों को पहले की तरह ही टैक्स नियमों का पालन करना होगा। सिर्फ 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को राहत मिली है। 

-किस-पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा और किस पर घटा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोबाइल उपकरण पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल उपकरण पर अब कस्टम ड्यूटी 2.5 फीसदी तक लगेगा। वहीं, कॉपर और स्टील में कस्टम ड्यूटी को घटाया गया है। इतना ही नहीं, सोना-चांदी से भी कस्टम ड्यूटी को घटाया गया है। 

-इनकम टैक्स के सेक्शन 80EEA के तहत अब छूट को 31 मार्च, 2022 तक लिए गए कर्ज (लोन) पर लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि हमने जीएसटी को भी आसान करने के उपाय किए हैं।

-वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा ऐलान किया है। इस ऐलान के मुताबिक, 75 साल से अधिक की आयु वाले बुजुर्गों को अब इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरना होगा। ऐसे लोगों को यह राहत मिलेगी, जिनकी कमाई का स्रोत सिर्फ पेंशन होगा। अब 75 साल से अधिक उम्र वालों कों ITR नहीं भरना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि जब दुनिया इतने बड़े संकट से गुजर रही है, तब सभी की नजरें भारत पर हैं. ऐसे में हमें अपने टैक्सपेयर्स को सभी सुविधाएं देनी चाहिए।

-वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स असेसमेंट की अवधि को घटा कर छह साल से तीन साल किया जाता है। इसका मतलब है कि अब तीन साल से पुराने केस नहीं खोले जाएंगे। टैक्स सुधार की दिशा में यह बड़ा कदम है।

वित्तीय घाटा 6.8 पर्सेंट रखने का प्रयास रहेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 2020-21 में इसके 9.5 पर्सेंट रहने का अनुमान है।

-सस्ते घरों पर 1.5 लाख रुपये तक का कर्ज ब्याज मुक्त होगा। स्टार्टअप्स के लिए टैक्स छूट की सीमा एक साल और बढ़ी।

-वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों के अटके कर्जों से निपटने के लिए परिसंपत्ति पुनर्गठन एवं प्रबंधन कंपनी की स्थापना की जाएगी। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी देने का प्रस्ताव किया।

-न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड इस बार PSLV-CS51 को लॉन्च करेगा। गगनयान मिशन का मानव रहित पहला लॉन्च इसी साल दिसंबर में होगा।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  भारत के इतिहास में पहली बार डिजिटल जनगणना कराने की घोषणा की है। इसके लिए 3,760 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमम ने घोषणा की कि देश में करीब 100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे। लेह में केंद्रीय यूनिवर्सिटी बनाए जाने का ऐलान किया गया है। इतना ही नहीं, जल्द ही हायर एजुकेशन कमीशन का गठन होगा। 

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मुफ्त रसोईं-गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना उज्ज्वला के तहत एक करोड़ और लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा। हम अगले तीन वर्षों में शहर के गैस वितरण नेटवर्क में 100 और जिलों को जोड़ेंगे। जम्मू और कश्मीर में गैस पाइपलाइन परियोजना शुरू की जाएगी।

-वित्त मंत्री ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत 2,000 करोड़ से अधिक की सात बंदरगाह परियोजनाओं की घोषणा की। 

                              वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार किसानों की फसलों पर लागत से कम से कम डेढ़ गुना ज्यादा रकम देने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने किसानों को 75 हजार करोड़ रुपये ज्यादा दिए हैं। किसानों को दिए जाने वाले भुगतानों में भी तेजी की गई है। उन्होंने कहा कि MSP पर फसल खरीद का कार्य तेजी से जारी है, इसके परिणामस्वरूप किसानों को पर्याप्त भुगतान किए जाने के मामले में बढ़ोत्तरी हुई है। 2020-21 में किसानों को कुल 75,060 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश भर में फसलों की MSP पर खरीद जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने MSP को डेढ़ तक बढ़ाने का काम किया है।

-                      वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार इसी वित्तीय वर्ष में एलआईसी के आईपीओ को बाजार में लाया जाएगा।-बीमा क्षेत्र में एफडीआई की लिमिट अब 74 फीसदी तक बढ़ाने का ऐलान। वित्त मंत्री ने कहा कि अब इंश्योरेंस सेक्टर में 74 फीसदी तक एफडीआई हो सकेगी। बता दें कि इससे पहले सिर्फ 49 फीसदी तक की ही मंजूरी थी। वित्त मंत्री ने डूबे कर्जों के लिए भी बड़ा ऐलान करते हुए मैनेजमेंट कंपनी बनाने की बात कही है।

                                 -वित्त मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये 18,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले छह साल में बिजली क्षेत्र में कई सुधार किये गये, इस दौरान कुल क्षमता में 1,38,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता जोड़ी गयी। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को एक से अधिक वितरण कंपनियों में से किसी को चुनने का विकल्प देने के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी।-वित्त मंत्री ने कहा कि मुफ्त रसोई गैस रसोई गैस योजना उज्ज्वला को 1 करोड़ और लाभार्थियों तक बढ़ाया जाए। सार्वजनिक बस परिवहन सेवाओं की वृद्धि के लिए 18,000 करोड़ रुपये की लागत से एक नई योजना लांच की जाएगी।


-                            वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रेलवे मालगाड़ियों के लिये अलग से बनाये गये विशेष गलियारों को बाजार पर चढ़ाएगी। वित्त मंत्री ने 2021-22 के बजट भाषण में कहा कि गेल इंडिया लि., इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और एचपीसीएल की 20 पाइपलाइन को बाजार पर चढ़ाया जाएगा। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष के 4.39 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले अगले वित्त वर्ष के लिये 5.54 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा।-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार हो गई है। रेलवे के लिए 1 लाख 10 हजार 55 करोड़ रुपये की पूंजी आवंटित की गई है। ।

                                 2030 से नई रेल योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। -वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक बस परिवहन सेवाओं की वृद्धि के लिए 18,000 करोड़ रुपये की लागत से एक नई योजना लांच की जाएगी। कुल 702 किमी परंपरागत मेट्रो परिचालन में हैं। 1,016 किमी मेट्रो और आरआरटीएस 27 शहरों में निर्माणाधीन हैं। कोच्चि मेट्रो रेलवे फेज 2 पर कार्य शुरू होगा, जिसकी लंबाई 11.5 किमी और लागत 1,957.05 करोड़ रुपये होगी।

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