215 प्रियंका गांधी को UP,म.प्र.मुकुल वासनिक को,कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल,गुलाम नबी आजाद समेत हटाए 4 महासचिव,पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल आजाद CWC में: सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष (crime bhaskar news .com-umesh shukla)


(crime bhaskar news .com-umesh shukla)

 

                     सोनिया गांधी ने पार्टी मामलों में अपनी म   दद के लिए विशेष समिति गठित की जिसमें ए के एंटनी, अहमद पटेल और अंबिका सोनी शामिल हैं।  यह समिति पार्टी के संगठन एवं कामकाज से जुड़े मामलों में सोनिया गांधी का सहयोग करेगी। इस विशेष समिति में एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं। सुरजेवाला और तारिक अनवर को पार्टी ने महासचिव नियुक्त किया है। 

                           राज्य के प्रभारियों की बात करें तो मुकुल वासनिक को  मध्य प्रदेश,ओमान चंडी को आंध्र प्रदेश, तारिक अनवर को केरल और लक्षद्वीप,प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला को कर्नाटक,हरीश रावत को पंजाब,जितेंद्र सिंह को असम, अजय माकन को राजस्थान और केसी वेणुगोपाल को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। 

                             कांग्रेस नेतृत्व ने कई नए प्रभारी भी नियुक्त किए हैं और कई प्रदेशों के प्रभार में फेरबदल भी किए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को पार्टी प्रशासन, रजनी पाटिल को जम्मू-कश्मीर, राजीव शुक्ला को हिमाचल प्रदेश, जितिन प्रसाद को पश्चिम बंगाल और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह ओर दिनेश गुंडूराव को तमिलनाडु, पुडुचेरी और गोवा के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

                         इसके साथ ही मणिकम टैगोर को तेलंगाना, चेल्लाकुमार को ओडिशा, एचके पाटिल को महाराष्ट्र, देवेंद्र यादव को उत्तराखंड, विवेक बंसल को हरियाणा, मनीष चतरथ को अरुणाचल प्रदेश एवं मेघालय, भक्त चरण दास को मिजोरम एवं मणिपुर तथा कुलजीत सिंह नागरा को सिक्किम, नगालैंड और त्रिपुरा का प्रभारी बनाया गया है।

                     कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बड़ा फेरबदल करते हुए गुलाम नबी आजाद समेत चार वरिष्ठ नेताओं को महासचिव की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया और पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का भी पुनर्गठन किया। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, आजाद, मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी और मल्लिकार्जुन खड़गे को महासचिव पद से मुक्त किया गया है।

                        पार्टी ने पत्र विवाद की पृष्भूमि में 24 अगस्त को हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में बनी सहमति के मुताबिक छह सदस्यीय एक विशेष समिति का गठन किया है।संगठनात्मक बदलाव के लिए सोनिया गांधी को  पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल आजाद को महासचिव पद से हटाने के साथ ही सीडब्ल्यूसी में स्थान दिया गया है। 

BREAKING NEWS