203 वंदे भारत प्रोजेक्ट के तहत भारत रेलवे ने दिया बड़ा झटका,चीन की कंपनियां सेमी हाई स्पीड ट्रेनों की खरीद से बाहर : भारत


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                                      रेलवे ने वंदे भारत प्रोजेक्ट के तहत हाई हाई स्पीड ट्रेन  के 44 सेट के लिए एक अंतरराष्ट्रीय निविदा जारी की थी. इस निविदा में चीन की कंपनियों ने भी टेंडर भरा था. अब रेलवे ने पूरी टेंडरिंग प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. रेलवे जल्द ही दोबारा से नई निविदा जारी करेगी. जिसमें किसी भी चीनी फर्म को भाग लेने की अनुमति नहीं होगी. मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत इन हाई स्पीड ट्रेनों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा.वर्ष 2015 में चीनी कंपनी सीआरआरसी योंगजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड और गुरुग्राम की पायनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के बीच यह संयुक्त उद्यम बना था.

                   रेल मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ' 44 सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों (वंदे भारत) के निर्माण की निविदा रद्द कर दी गई है. संशोधित सार्वजनिक खरीद ('मेक इन इंडिया' को वरीयता) आदेश के अंतर्गत एक सप्ताह के भीतर ताजा निविदा आमंत्रित की जाएगी.'

                                हालांकि, रेलवे ने निविदा रद्द करने के पीछे किसी खास कारण का उल्लेख नहीं किया.पूर्वी लद्दाख में चीन की सेना (PLA) के अतिक्रमण के बाद भारत लगातार अलग- अलग तरीकों से उसे जवाब दे रहा है. पूर्वी लद्दाख में चीन की सेना  के अतिक्रमण के बाद भारत लगातार अलग- अलग तरीकों से उसे जवाब दे रहा है. भारत ने चीन को ताजा झटका देते हुए उसकी कंपनियों को सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेट की बोली से बाहर कर दिया है. इसे चीन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. 


                      इस बारे में रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि उसने 44 सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण की निविदा रद्द कर दी है जो पिछले साल आमंत्रित की गई थी. पिछले महीने जब निविदा खोली गई तो 16 डिब्बे वाली इन 44 ट्रेनों के इलेक्ट्रिकल उपकरणों एवं अन्य सामान की आपूर्ति के लिए छह दावेदारों में से एक चीनी संयुक्त उद्यम (सीआरआरसी-पायनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड) एकमात्र विदेशी के रूप में उभरकर सामने आया.

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