195 प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में 137 करोड़ भारतीयों का करेंगे प्रतिनिधित्व ,28 साल बाद अयोध्या में एक पक्का भव्य तीन मंजिला मंदिर मिल गया,कार्यक्रम में 135 साधु-संत रहेंगे 175 अतिथियों को निमंत्रण दिया ,मोदी पहले करेंगे बजरंगबली के दर्शन,11:30 बजे रामनगरी पहुंचेंगे 3 घंटे अयोध्या रहेंगे में-crime bhaskar news.com-umesh shukla


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अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर की अधारशिला अब से कुछ ही घंटों के बाद रखी जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मंदिर भूमि पूजन के लिए सुबह 11:30बजे रामनगरी पहुंच रहे हैं. जबकि अयोध्या में अनुष्ठान सोमवार से ही जारी   135 साधु-संत भी आज अयोध्या में मौजूद रहेंगे, इनमें से कुछ संत नेपाल से भी भारत भूमिपूजन के लिए पहुंचे हैं. कुछ कार सेवकों के परिवार के सदस्यों को भी निमंत्रण दिया गया है. सभी अतिथियों को सुबह 10:30 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना होगा. हैं. अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन और वहां मौजूद 175 मेहमानों को देखने के लिए बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे.प्रधानमंत्री मोदी यहां 9 शिलाओं की स्थापना करेंगे.पहले से कहा जा रहा है कि मार्च 2024 में प्रधानमंत्री मंदिर का उद्घाटन करेंगे.

                            5 अगस्त का चुनाव भी बहुत महत्व रखता है. प्रधानमंत्री मोदी ने ठीक एक साल पहले जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए कानून बनाया था. आरएसएस का कहना है कि मोदी ने आडवाणी और अटल विहारी वाजपेयी से आगे बढ़कर काम किया है. क्योंकि उन्होंने संघर्ष किया और नतीजा दिया.राम मंदिर के भूमि पूजन में यूं तो सिर्फ 175 अतिथियों को निमंत्रण दिया गया है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में 137 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करेंगे.अयोध्या में लगी होर्डिंग्स में सिर्फ आरएसएस संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार, गुरु गोलवरकर, मंदिर आंदोलन से जुड़े महंत अवैद्यनाथ और फिर मोदी की तस्वीर नजर आ रही है. होर्डिंग्स के जरिये कुछ सूक्ष्म मैसेज देने की कोशिश की जा रही है? कोई मैसेज नहीं. बस उस पर मोदी और प्रस्तावित मंदिर है. अयोध्या में मुख्य सड़क किनारे दुकानों को पीले रंग में रंग दिया गया है. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लोग दिन भर नारेबाजी करते घूमते रहे. लेकिन अभी केवल जय श्री राम और मोदी ज़िंदाबाद के नारे ही सुने जा रहे हैं


              इसके बाद यहां प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. जिसके नाम का आमंत्रण है, सिर्फ वही भूमिपूजन में सम्मिलित होगा. इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल और प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. सुबह 10:30 बजे के बाद राम जन्मभूमि परिसर में किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा. 

                     भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए दिए गए निमंत्रण पत्र पर एक सिक्योरिटी कोड है, जिसके एक बार स्कैन हो जाने के बाद उसे दूसरी बार इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. कार्यक्रम में मोबाइल और बैग लाने पर भी पाबंदी है. मुख्य मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहेंगे.  यानी यह काम वह बमुश्किल अगले लोकसभा चुनाव से महीने भर पहले करेंगे. कोरोना संकट ने सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों का पालन करने को मजबूर कर दिया है. यही वजह है कि अयोध्या आंदोलन के असली पुरोधा भूमिपूजन कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर पा रहे हैं. राम मंदिर निर्माण के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ही भूमिपूजन कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे.

                    हिंदुत्व के आइकन, राम मंदिर के लिए रथ निकालने वाले और बाबरी मस्जिद को गिराने की साजिश रचने के आरोपों का सामना करने वाले लालकृष्ण आडवाणी वहां नहीं होंगे. बाबरी मस्जिद गिराने के आडवाणी के सह-आरोपी मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती भी कोरोना संकट के चलते भूमि पूजन कार्यक्रम में नहीं होंगे.

80 के दशक से मंदिर आंदोलन के बड़ा चेहरे रहे ये तीनों वरिष्ठ लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भूमि पूजन कार्यक्रम से जुड़ेंगे. उमा भारती अयोध्या में ही हैं लेकिन वह कार्यक्रम के दौरान सरयू घाट पर रहेंगी. उन्होंने कहा, 'आडवाणी जैसे लोग आज खुश हैं. वो वरिष्ठ हैं. उन्होंने एक समय वाजपेयी के लिए कुर्सी तक त्याग दी थी. मैं भी बहुत प्रसन्न हूं. मैं आठ साल की थी जब मंदिर आंदोलन से जुड़ी.' लेकिन उन्होंने आगे कहा, 'किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि राम या राम मंदिर किसी समूह या लोगों के किसी खास समूह से जुड़ा हुआ है. ऐसा सोचना गलत होगा.'

योगी आदित्यनाथ जो भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारी के लिए दिन रात लगे रहे. उनकी भी इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण उपस्थिति नहीं देखी जा रही है. अयोध्या आने वाले हर एक के दिमाग में यही बात है कि यह पूरा कार्यक्रम राम मंदिर, पीएम मोदी को लेकर है, और जाहिर है आरएसएस के लिए यह मिसाल है.



5 अगस्त को ये होगा प्रधानमंत्री का कार्यक्रम 
9:35 बजे: दिल्ली से प्रस्थान 
10:35 बजे: लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेंगे 
10:40 बजे: हेलिकॉप्टर से अयोध्या के लिए प्रस्थान
11:30 बजे: अयोध्या साकेत कॉलेज के हेलीपैड पर लैंडिंग
11:40 बजे: हनुमानगढ़ी में अयोध्या के राजा हनुमानजी के दर्शन
12.00 बजे: राम जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे
10 मिनट में रामलला विराजमान के दर्शन 
12:15 बजे: रामलला परिसर में पारिजात का पौधारोपण
12:30 बजे: भूमिपूजन कार्यक्रम का शुभारंभ
12:40 बजे: राम मंदिर की आधारशिला की स्थापना
1.10 बजे: नृत्यगोपाल दास वेदांती जी सहित ट्रस्ट कमेटी से मिलेंगे
2:05 बजे: साकेत कॉलेज हेलीपैड के लिये प्रस्थान
2:20 बजे: लखनऊ के लिए रवाना 

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