191 फ्रांस से खरीदे 5 लड़ाकू राफेल संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते आज भारत जमीं अंबाला एयरबेस पर पहुंच गए, 2016 को फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपए का सौदा किया था-PM मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ ने भारत में किया स्वागत


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                     फ्रांस से आ रहे पांच लड़ाकू विमान राफेल की आज लैंडिंग होगी। पहले बैच के तौर पर आ रहे पांच राफेल विमान आज अंबाला भारतीय सरजमीं पर पहुंचेंगे और फिर भारतीय वायुसेना की टुकड़ी में शामिल हो जाएंगे। वायुसेना प्रमुख आर.के.एस. भदौरिया अंबाला एयरबेस पर आज यानी बुधवार 29 जुलाई को दोपहर पांच राफेल विमानों को रिसीव करेंगे। बता दें कि इस बाबत अंबाला में धारा 144 लागू है।

                            सूत्रों ने कहा कि भारतीय राफेल करीब 11 बजे संयुक्त अरब अमीरात के अल दफरा से टेक ऑफ करेंगे और दोपहर दो बजे चक अंबाला पहुंच जाएंगे। इतना ही नहीं, इन राफेल विमानों की लैंडिंग के लिए एक बैक बेस भी तैयार है। अगर अंबाला और उसके आसपास में मौसम अनुकूल नहीं रहता है तो फिर इन राफेल जेट्स की लैंडिंग जोधपुर एयरबेस पर होगी। बता दें कि अंबाला और जोधपुर दोनों ही एयरबेस रणनीतिक और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

                         फिलहाल, अंबाला में राफेल फाइटर जेट्स की लैंडिंग को ध्यान में रखते हुए अंबाला एयरबेस के पास के चार गांवों में धारा 144 लागू कर दी गई है। इतना ही नहीं, इन इलाकों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी निषेध है। फ्रांस से खरीदे गए 5 लड़ाकू विमान संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते आज भारत पहुंच गए. रफाल विमानों के अंबाला एयरबेस पहुंचते ही भारत को चीन और पाकिस्तान के खिलाफ आसमान में एक बड़ी रणनीतिक बढ़त हासिल हो गई है. फ्रांस से खरीदे गए 5 लड़ाकू विमान संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते आज भारत पहुंच गए. उनके भारतीय वायु सीमा में पहुंचते ही दो सुखोई-30 MKI विमानों ने उन्हें एस्कॉर्ट किया. रफाल विमानों के अंबाला पहुंचने पर वायु सेना प्रमुख आर. के. एस. भदौरिया ने उनकी आगवानी की. वहीं पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट करके रफाल विमानों का भारत में स्वागत किया. 


रफाल विमानों के अंबाला एयर बेस पर पहुंचने पर उन्हें वॉटर सैल्यूट दिया गया. अंबाला के डीएसपी ट्रैफिक मुनीष सहगल ने कहा कि प्रशासन हाई अलर्ट पर है और लैंडिंग के दौरान छतों पर लोगों का जमावड़ा और फोटोग्राफी पूरी तरह से प्रतिबंधित है। प्रशासन ने धूलकोट, बलदेव नगर, गरनाला और पंजोखरा जैसे स्थानों से वायु सेना स्टेशन की तस्वीरों को लेने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
  भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपए का सौदा किया था। छह राफेल प्रशिक्षु विमानों की पूंछ पर आरबी श्रृंखला की संख्या अंकित होगी। आरबी एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया के नाम के पहले और अंतिम शब्द का संक्षिप्त रूप होगा। उन्होंने इस सौदे में मुख्य वार्ताकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।भारत की सैन्य परंपराओं के तहत किसी भी नए मिलिट्री एयरक्राफ्ट के पहली बार लैंड करने पर उसे सम्मान देने के लिए पानी की बौछार की जाती है. इसी को वॉटर सैल्यूट कहा जाता है. इन विमानों के अंबाला पहुंचने से एक दिलचस्प वाकया भी हुआ. जब पांचों विमान भारतीय वायु सीमा में पहुंचे और अरब सागर में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS कोलकाता से संपर्क साधा. INS कोलकाता ने भी गर्मजोशी के साथ जवाब देते हुए कहा कि ऐरो लीडर, भारतीय समुद्री क्षेत्र में आपका स्वागत है. इस पर रफाल के पायलट ने कहा कि आपका बहुत धन्यवाद. हमें विश्वास है आपके होते हुए भारत की समुद्री सीमाएं सुरक्षित हैं.कोलकाता ने कहा कि आप गर्व के साथ आसमान की ऊंचाइयों को छुएं, हैप्पी लैंडिंग. रफाल के पायलट ने भी कहा कि समंदर में हवाएं भी आपका साथ दें. हैप्पी हंटिंग. ये रफाल विमानों के पायलटों के बीच महज एक बातचीत ही नहीं थी बल्कि भारत की बढ़ती सैन्य ताकत के आत्मविश्वास का संदेश भी था. 


बता दें कि पांच विमानों की पहली खेप सोमवार (27 जुलाई) को फ्रांसीसी बंदरगाह शहर बोरदु में मेरिग्नैक एयरबेस से रवाना हुई। ये विमान लगभग 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद आज दोपहर में अंबाला पहुंचेंगे। इन विमानों को बुधवार दोपहर में भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन नम्बर 17 में शामिल किया जाएगा, जिसे 'गोल्डन एरोज' के नाम से भी जाना जाता है।

हालांकि, इन विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए मध्य अगस्त के आसपास समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। रफाल विमानों के आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत में ट्वीट किया. जिसका सार था कि राष्ट्र की रक्षा से बड़ा, ना कोई पुण्य है, ना कोई व्रत है और ना कोई यज्ञ है. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रफाल के स्वागत में कहा कि बर्ड्स अंबाला में सुरक्षित उतर गए हैं. वायुसेना में लड़ाकू विमानों को बर्ड यानी चिड़िया कहा जाता है.  हालांकि, इन विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए मध्य अगस्त के आसपास समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। 

पहला राफेल जेट पिछले साल अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा के दौरान भारतीय वायुसेना को सौंपा गया था। राफेल जेट का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयरबेस पर, जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल के हासिमारा बेस पर रहेगा। अंबाला एयरबेस को भारतीय वायुसेना का महत्वपूर्ण बेस माना जाता है क्योंकि यहां से भारत-पाकिस्तान सीमा महज 220 किलोमीटर की दूरी पर है। भारत ने जो 36 राफेल विमान खरीदे हैं उनमें से 30 लड़ाकू विमान जबकि छह प्रशिक्षु विमान हैं।

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