189 "आज कारगिल विजय दिवस" 21 साल पहले आज ही कारगिल युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया- मन की बात में PM मोदी बोले- खतरा अभी-भी



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प्रधानमंत्री ने "मन की बात" में सूरीनाम के नये राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी के शपथ ग्रहण समारोह का जिक्र किया और उन्हें हार्दिक बधाई दी. उन्होंने कहा, "आज, सूरीनाम में एक चौथाई से अधिक लोग भारतीय मूल के हैं. क्या आप जानते हैं, वहां की आम भाषाओँ में से एक ‘सरनामी' भी, ‘भोजपुरी' की ही एक बोली है."उन्होंने कहा कि कोरोना काल में ग्रामीण क्षेत्रों ने पूरे देश को दिशा दिखाई है. गांवों से स्थानीय नागरिकों के, ग्राम पंचायतों के, अनेक अच्छे प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं. बिहार में कई महिला सहायता समूहों ने मधुबनी पेंटिंग वाले मास्क बनाना शुरू किया है, और देखते-ही-देखते, ये खूब लोकप्रिय हो गये हैं. बांस से त्रिपुरा, मणिपुर, असम के कारीगरों ने उच्च गुणवत्ता की पानी की बोतल और टिफिन बॉक्स बनाना शुरू किया है. कोरोना वायरस महामारी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश में रिकवरी रेट अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है, साथ ही, हमारे देश में कोरोना से मृत्यु-दर भी दुनिया के ज्यादातर देशों से काफ़ी कम है. कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है....  हमें बहुत ही ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम के जरिये देश को संबोधित किया. उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस  से की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात  कार्यक्रम के जरिये देश को संबोधित किया. उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस से की और कोरोना महामारी का भी जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा, "आज ‘कारगिल विजय दिवस’ है. 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था. साथियों, कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो, भारत कभी नहीं भूल सकता." पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था. रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए पीएम ने कहा कि कुछ दिन बाद रक्षाबंधन का पावन पर्व आ रहा है. मैं इन दिनों देख रहा हूं कि कई लोग और संस्थायें इस बार रक्षाबंधन को अलग तरीके से मनाने का अभियान चला रहे हैं. कई लोग इसे Vocal for local से भी जोड़ रहे हैं, और, बात भी सही है." प्रधानमंत्री ने बोर्ड एग्जाम में सफलता हासिल किए बच्चों से भी बात की. पीएम मोदी ने कहा, "आप कल्पना कर सकते हैं- ऊचें पहाडों पर बैठा हुआ दुश्मन और नीचे से लड़ रही हमारी सेनाएं, हमारे वीर जवान, लेकिन, जीत पहाड़ की ऊंचाई की नहीं भारत की सेनाओं के ऊंचे हौंसले और सच्ची वीरता की हुई. भारत की वीर सेना ने जो पराक्रम दिखाया, भारत ने अपनी जो ताकत दिखाई, उसे पूरी दुनिया ने देखा."प्रधानमंत्री ने कारगिल यात्रा की दौरान की तस्वीरें साझा कीं. उन्होंने कहा कि उस समय, मुझे भी कारगिल जाने और हमारे जवानों की वीरता के दर्शन का सौभाग्य मिला, वो दिन, मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है. मैं सभी देशवासियों की तरफ से, हमारे इन वीर जवानों के साथ-साथ, उन वीर माताओं को भी नमन करता हूं, जिन्होंने, मां-भारती के सच्चे सपूतों को जन्म दिया.मैं आग्रह करता हूं कि आज एक वेबसाइट gallantryawards.gov.in आप ज़रूर विजिट करें. वहां आपको हमारे वीर पराक्रमी योद्धाओं के बारे में कई सारी जानकारियां मिलेंगी. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कारगिल युद्ध के समय अटल जी ने लालकिले से जो कहा था, वो, आज भी हम सभी के लिए बहुत प्रासंगिक है. अटल जी ने तब देश को, गाँधी जी के एक मंत्र की याद दिलायी थी.महात्मा गांधी का मंत्र था- यदि किसी को दुविधा हो कि उसे क्या करना है, क्या नहीं करना, तो उसे भारत के सबसे गरीब और असहाय व्यक्ति के बारे में सोचना चाहिए. उसे यह सोचना चाहिए कि जो वो करने जा रहा है उससे उस व्यक्ति की भलाई होगी या नहीं. पीएम मोदी ने कहा- अटल जी ने कहा था कि, कारगिल युद्ध ने, हमें एक दूसरा मंत्र दिया है - ये मंत्र था, कि, कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले, हम ये सोचें, कि, क्या हमारा ये कदम, उस सैनिक के सम्मान के अनुरूप है जिसने उन दुर्गम पहाड़ियों में अपने प्राणों की आहुति दी थी."पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध की परिस्थिति में, हम जो बात कहते हैं, करते हैं, उसका सीमा पर डटे सैनिक के मनोबल पर उसके परिवार के मनोबल पर बहुत गहरा असर पड़ता है. ये बात हमें कभी भूलनी नहीं चाहिए. हमारा आचार, हमारा व्यवहार, हमारी वाणी, हमारे बयान, हमारी मर्यादा, हमारे लक्ष्य, सभी, कसौटी में ये जरूर रहना चाहिए कि हम जो कर रहे हैं, कह रहे हैं, उससे सैनिकों का मनोबल बढ़े, उनका सम्मान बढ़े."

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